Classification of Computer - Types of Computer in Hindi

Classification of Computer in Hindi


दोस्तों आपने computer के बारे में हमारा article पड़ा होगा जिससे आपको यह पता चल गया होगा कि computer है क्या और उसके उपयोग क्या हैं। इस article में हम जानेंगे types of computer के बारे में detail में।

Types of computer को हमने 3 classes में divide करके समझाया है जिसे classification of computer कहते हैं।
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1.Classification of Computer
2.On the basis of size (आकार के आधार पर)
3.On the basis of functionality (कार्यक्षमता के आधार पर)
4.On the basis of data handling (डाटा संधारण के आधार पर)
5.On the basis of usage (उपयोग के आधार पर)
6.On the basis of generations of computer (कंप्यूटर की पीढ़ियों के आधार पर)

Classification of computer / कंप्यूटर का वर्गीकरण:-

On the basis of size (आकार के आधार पर)

  1. Supercomputers
  2. Mainframe computers
  3. Minicomputers
  4. Microcomputers

On the basis of functionality (कार्यक्षमता के आधार पर)

  1. Servers
  2. Workstations
  3. Information appliances
  4. Embedded computers

On the basis of data handling (डाटा संधारण के आधार पर)

  1. Analog
  2. Digital
  3. Hybrid

On the basis of usage (उपयोग के आधार पर)

  1. Public computer
  2. Personal computer
  3. Shared computer
  4. Display computer

On the basis of generations of computer (कंप्यूटर की पीढ़ियों के आधार पर)

  1. First generation computer
  2. Second generation computer
  3. Third generation computer
  4. Fourth generation computer
  5. Fifth generation computer

1) On the basis of size (आकार के आधार पर)

(a) Supercomputers

Supercomputers सबसे बड़े और fastest computers होते हैं। Supercomputers को एक बार में बहुत ज्यादा data को process करने के लिए बनाया गया है। यह trillion से भी ज्यादा instructions को 1 second में process कर सकता है क्योंकि इसके पास हजारों processors होते हैं जोऔ आपस में connected रहते हैं।

Classification of Computer - Types of Computer in Hindi

Supercomputers सबसे high performing system होते हैं। Supercomputer के performance को FLOPS में measure किया जाता है। World के सारे 500 supercomputers Linux operating system पर काम करते हैं।

Supercomputers को विशेष तौर पर scientific और engineering applications जैसे weather forecasting, fluid dynamics, nuclear simulations आदि के लिए इस्तेमाल किया जाता है।


Characteristics of Supercomputer / Supercomputer की विशेषताएँ:

  1. Supercomputers बहुत बड़े calculations को calculate करने में सक्षम होते हैं। बहुत सारे calculations जो एक इंसान नहीं calculate कर पाता है उसे supercomputer आसानी से calculate कर देता है।
  2. Supercomputer को एक बार में बहुत सारे लोग access कर सकते हैं। यह 100 से भी ज्यादा व्यक्तियों को एक साथ handle कर लेता है।
  3. Supercomputers दुनिया के सबसे fastest और expensive computers होते हैं।
  4. Supercomputer में बहुत सारे processor एक साथ connected रहते हैं जो साथ में process करते हैं।
  5. Supercomputer data storage centers से useful information निकालने में मदद करता है।
  6. यह solar system, satellites और Earth के movement से प्राप्त आंकड़ों का सटीक विश्लेषण (analysis) करके scientific research में मदद करता है।

(b) Mainframe computers

Mainframe computers को mainframe या big iron भी कहा जाता है। Mainframe computers को design किया गया है एक बार में multiple users को support करने के लिए। Mainframe computer एक बार में हजारों users को support करता है। इसके अंदर इतनी क्षमता होती है कि यह एक बार में कई सारे processes को एक साथ process कर सकता है।

Mainframe computers को बड़े organizations द्वारा एक साथ कई process जैसे consumer statistics, enterprise resource planning और large-scale transaction processing करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

Mainframe computer size में बड़ा होता है और इसकी processing power कुछ computers जैसे minicomputers, workstations, servers, personal computers आदि से ज्यादा होती है।


Characteristics of Mainframe computer / Mainframe computer की विशेषताएँ:

  1. Mainframe computer size में काफी बड़े होते हैं।
  2. Mainframe computers में एक से ज्यादा processors होते हैं ताकि यह process बहुत तेजी से कर पाएं।
  3. Mainframe computer का work speed एक billion operations per second तक पहुंच जाता है।
  4. Mainframe computers इस वजह से भी popular होते हैं क्योंकि इनकी life काफी ज्यादा होती है। यह एक बार पूरी तरह से install हो जाने के बाद 50 सालों तक smoothly चल सकता है।
  5. Mainframe computer में process के दौरान errors आने की संभावना बहुत कम होती है और अगर errors आते भी हैं तो यह उसे remove कर देता है।

(c) Minicomputers

Minicomputers मध्य साइज (midsize) के multiprocessing computers होते हैं जिसमें multiple processors लगे होते हैं जो 4 से 200 users को एक समय पर support करने की क्षमता रखते हैं।

Minicomputers को design किया गया था control, human interaction, instrumentation और communication switching जैसे कामों के लिए जो calculation और record keeping से अलग थे।

Minicomputers छोटे size के computers थे जिसे मध्य 1960s में develop किया गया था जो Mainframe computers के मुकाबले बहुत सस्ते थे। Minicomputers size में Microcomputers से बड़े और Mainframe computers से छोटे होते हैं।


Characteristics of Minicomputer / Minicomputer की विशेषताएँ:

  1. Minicomputer बहुत छोटा और हल्का होता है जो इसे कहीं पर भी ले जाने में संभव बनाता है।
  2. Minicomputer अपने size के मुकाबले बहुत fast होता है।
  3. यह काफी लंबे समय तक charge रहता है।
  4. यह Mainframe computer के मुकाबले कम महंगा होता है।

(d) Microcomputers

Microcomputer को personal computer भी कहा जाता है। यह एक आम तौर पर इस्तेमाल किया जाने वाला computer होता है जो एक व्यक्ति अपने personal कामों के लिए इस्तेमाल करता है।

Microcomputer के अंदर अपना एक microprocessor होता है जिसे CPU कहा जाता है इसके अलावा इसमें memory जैसे primary memory, secondary memory और cache memory भी होते हैं। Input और output devices इससे जुड़े रहते हैं।

हमारे घर में मौजूद desktop और laptop computers microcomputer के उदाहरण हैं। Microcomputers को बहुत सारे personal कामों के लिए इस्तेमाल किया जाता है फिर चाहे वह school के लिए assignment बनाना हो या फिर अपने आप को entertain करने के लिए movies या games खेलने हों।


Characteristics of Microcomputer / Microcomputer की विशेषताएँ:

  1. Microcomputer size में छोटा होता है जिसे आसानी से एक जगह से दूसरी जगह ले जाया जा सकता है।
  2. Microcomputer को personal use के लिए design किया गया है जिसे एक बार में एक व्यक्ति use कर सकता है।
  3. Microcomputer को इस्तेमाल करने के लिए कोई special skill या फिर training की जरूरत नहीं होती है।
  4. Microcomputer multitasking जैसे एक ही time पर download करना, music play करना, file transfer करना, browsing आदि करने के सक्षम होता है।
  5. यह बाकी सब computer के मुकाबले सस्ता होता है जिसे एक व्यक्ति आसानी से खरीद सकता है।
  6. इसके अंदर अपना एक secondary storage होता है जिसमें आप अपनें जरूरत की तमाम चीजें जैसे files या फिर documents को store कर सकते हैं।

On the basis of functionality (कार्यक्षमता के आधार पर)

(a) Servers

Server एक computer होता है जिसे dedicated computer कहा जाता है। Dedicated computer वह होता है जिसका काम किसी विशेष (particular) चीज को पूरा करना होता है और वह सिर्फ उसी काम को करता है। Server का नाम serve (सेवा करना) से पड़ा है जिसका मतलब होता है किसी चीज की सेवा देना। Servers भी किसी विशेष सर्विस (particular service) को serve करते हैं।

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Servers के अलग-अलग प्रकार के नाम होते हैं जो इनके service द्वारा इन्हें दिया जाता है जैसे database servers, mail servers, file servers, print servers, web servers, application servers और game servers।

Servers client-server model पर काम करते हैं। client-server model वह model होता है जिसमें clients मतलब अन्य computer hardwares (computers) जो server से internet के माध्यम से connected रहते हैं और server उन्हें service प्रदान कर रहा होता है।
Classification of Computer - Types of Computer in Hindi

Characteristics of a server / Server की विशेषताएँ:

  1. Servers एक विशेष प्रकार के computer (dedicated computers) होते हैं जो एक विशेष service को serve करते हैं।
  2. यह एक बार में बहुत सारे clients द्वारा भेजे गए request को handle कर लेते हैं पर इनकी भी अपनी एक क्षमता होती है।
  3. यह आकार में बहुत बड़े होते हैं जिन्हें एक अलग कमरे में रखा जाता है।
  4. इनकी storage capacity एक normal computer के मुकाबले बहुत ज्यादा होती है जो दुनिया भर से भेजे गए data को store करने की क्षमता रखते हैं।
  5. यह एक ऐसे computer होते हैं जिन्हें बंद (off) नहीं किया जाता है यह हमेशा ON रहते हैं।

(b) Workstations

Workstation एक special computer है जिसे technical और scientific applications (अनुप्रयोग) के लिए design किया गया है। इसे एक बार में एक व्यक्ति को चलाने के उद्देश्य से बनाया गया है (single user computer)।

Workstations local area network (LAN) से connect रहते हैं और इनमें multi-user operating systems होते हैं।

इसमें बहुत first microprocessor लगा होता है इसके अलावा इसके पास बहुत ज्यादा capacity वाली RAM होती है और high speed graphic adapters भी होते हैं। यह ज्यादातर एक काम को perform करते हैं और उसे बहुत बेहतर तरीके से पूरा करते हैं। यह कई प्रकार के होते हैं जैसे graphics workstation, music workstation आदि।


Characteristics of workstation / Workstation की विशेषताएँ:

  1. यह एक high performance computer system होता है जिसे design किया गया है single user को इस्तेमाल करने के लिए।
  2. इसके पास बहुत बड़ी storage capacity, बड़ी memory capacity, अच्छी graphics और एक personal computer से ज्यादा powerful CPU भी होता है।
  3. यह animation, audio और video editing, data analysis आदि जैसे कामों को handle कर लेता है।

(c) Information appliances

Information appliances एक प्रकार से computers ही होते हैं जिन्हें विशेष रूप से design किया गया है 'user friendly' function perform करने के लिए। यह 'user friendly' function कुछ भी हो सकते हैं जैसे photo editing, text editing, photography, video editing, videography आदि।

Information appliances ज्यादा तर mobile devices को कहा जाता है पर यह wearable devices भी हो सकते हैं जैसे smart watch जो हम अपने हाँथ में पहन लेते हैं और जब मन चाहे तब इसका स्तेमाल कर सकते हैं।

Information appliances के कुछ examples हैं smart watch, smartphone, mobile devices, आदि।


Characteristics of information appliances / Information appliances की विशेषताएँ:

  1. Information appliances portable devices होते हैं जिसका मतलब यह है कि आप इसे एक जगह से दूसरे जगह आसानी से लेजा सकते हैं।
  2. Information appliances एक छोटे battery पर चलते हैं जिसकी capacity काफी ज्यादा होती है और बहुत देर तक चलती है।
  3. Information appliances 'user friendly' होते हैं जिसका मतलब यह है कि आप जो function स्तेमाल करना चाहें वो कर सकते हैं।

(d) Embedded computers

Embedded computers वह computer होते हैं जिनके अंदर एक non-volatile memory होती है और इस memory के अंदर एक software (program) होता है। Embedded computers को एक विशेष (particular) machine या device को operate करने के उद्देश्य से बनाया गया है।

यह बहुत common होते हैं क्योंकि यह आजकल के बहुत सारे electronic devices में मौजूद होते हैं जैसे phones, calculators, automobiles, microwaves, washing machine आदि।

Embedded computers में लगे hardware और software एक embedded computer से दूसरे embedded computer में अलग अलग होते हैं जैसे washing machine में लगे embedded computer का software calculator वाले से बिल्कुल अलग होगा क्योंकि दोनों का purpose अलग है।

ठीक उसी तरह अगर कोई electronic device गर्मियों में काम करने के लिए बना है तो उसका hardware high temperature को झेल लाएगा लेकिन एक ठंडी में काम करने वाले electronic device का hardware high temperature नही झेल सकता।


Characteristics of embedded computers / Embedded computers की विशेषताएँ:

  1. Embedded computers एक विशेष (particular) task को perform करने के लिए होते हैं जैसे एक calculator calculation का ही काम करता है।
  2. Embedded computers में जो software डाले होते हैं उन्हें दोबारा modify नहीं किया जा सकता है।
  3. Embedded computer को बनाया जाता है किसी भी task को एक समय सीमा (time frame) के अंदर perform करने के लिए। एक geyser खुद को एक समय सीमा के अंदर cut कर लेता है वरना पानी ज्यादा गर्म होने की वजह से यह फट सकता है।
  4. Embedded computers size में छोटे होते हैं जो कम power इस्तेमाल करते हैं और यह ज्यादा expensive भी नहीं होते हैं।

On the basis of data handling (डाटा संधारण के आधार पर)

(a) Analog computer

Analog computers को analogue data process करने के लिए design किया गया है। Analog data वो data होता है जो continuously change होता रहता है जिसे हम count नहीं कर सकते हैं। इस data की कोई discrete value नहीं होती है।

Analog computer की तब जरूरत पड़ती है जब हमें कोई exact values नहीं चाहिए होता है जैसे temperature, pressure, speed, current आदि।

Analog computers बिना data को numbers और codes में convert किए यह directly measuring device से data को accept करते हैं। यह physical quantity में लगातार changes को measure करते हैं और output reading, dial और scale के form में देते हैं।

Speedometer और mercury thermometer analog computer के examples हैं।


Characteristics of analog computers / Analog computers की विशेषताएँ:

  1. Analog computers में एक साथ कई सारे signal values control किए जा सकते हैं।
  2. इसे input/output को digital electronic form में convert करने के लिए transducers की जरूरत नहीं पड़ती है।
  3. यह बहुत accurate होता है और बहुत तेज गति से result लेकर आता है।

(b) Digital computer

Digital computers 'calculations' और 'logical operations' को बहुत high speed पर perform करते हैं और results (output) digits के form में देते हैं जो discrete value होती है।

यह raw data को input के तौर पर digits या binary numbers (0 और 1) में लेते हैं और जो program इनके memory में store रहती है उसके हिसाब से data को process करते हैं और output देते हैं।

सारे modern computers जैसे laptops और desktops साथ में हमारे smartphones जो हम रोजाना जीवन में इस्तेमाल करते हैं वह सारे digital computer के ही उदाहरण हैं।


Characteristics of digital computers / Digital computers की विशेषताएँ:

  1. Digital computers में एक secondary memory होता है जिसमें बहुत ज्यादा storage capacity होता है। इस storage में आप बहुत सारे informations को store कर सकते हैं और जब चाहे तब इसे इस्तेमाल कर सकते हैं।
  2. Digital computers में आप अलग-अलग task को perform करने के लिए अलग-अलग software install कर सकते हैं। हर काम के लिए आपको hardware change करने की जरूरत नहीं पड़ती है।
  3. Digital computers data को बहुत जल्दी process करके result सामने दे देते हैं। यह result discrete form में होता है जिसे आप को समझने में आसानी होती है।
  4. अगर आप digital computer में कोई hardware change करना चाहें तो यह भी संभव है क्योंकि hardwares की cost technology advance होने की वजह से सस्ती हो गई है।
  5. इनके द्वारा दिए गए data पर भरोसा किया जा सकता है क्योंकि यह error correction codes इस्तेमाल करते हैं।

(c) Hybrid computer

Hybrid computer वह computer होता है जिसके पास analog और digital computer दोनों के features होते हैं। यह digital computer जितना accurate और analogue computer जितना fast data process करता है। यह data को continuous और discrete दोनों form में process करता है।

Hybrid computer की तब जरूरत पड़ती है जब analog और digital data दोनों चाहिए होते हैं जैसे petrol pump पर जो processor इस्तेमाल होता है वह fuel flow के measurement को quantity और price दोनों में convert करता है।


Characteristics of hybrid computers / Hybrid computers की विशेषताएँ:

  1. Hybrid computer बहुत जल्दी result देता है जो बिल्कुल accurate होता है और इस पर भरोसा किया जा सकता है।
  2. इसके पास बहुत बड़े-बड़े calculations और equations को real-time में solve करने की क्षमता है।
  3. यह continuous और discrete दोनों form में data को process करके देता है।

On the basis of usage (उपयोग के आधार पर)

(a) Public computer

Public computers वह computer होते हैं जो public places जैसे schools, libraries आदि में available होते हैं। Public computer का hardware और software बिल्कुल personal computer जैसा होता है।

Public computer का function personal computer के function से बिल्कुल different होता है और इसे दिन भर में बहुत सारे व्यक्ति access करते हैं जिन पर भरोसा भी नहीं किया जा सकता है। इस वजह से public computer को secure होने की जरूरत पड़ती है।

Public computer में users को कोई software install करने या कोई settings change करने की permission नहीं होती है। जो मौजूदा softwares और settings होते हैं users सिर्फ उन्हीं को इस्तेमाल कर सकते हैं। Public computer एक network से connect रहता है जहां पर user के traffic पर नजर रखा जाता है।

Public computer personal computer से इस मामले में बिल्कुल अलग है कि personal computer को एक जिम्मेदार (responsible) व्यक्ति इस्तेमाल करता है लेकिन public computer में कोई भी user कुछ भी हरकत कर सकता है।


Characteristics of public computers / Public computers की विशेषताएँ:

  1. Public computer कुछ limitations के साथ open access computer होते हैं जिसे हर कोई (public) इस्तेमाल कर सकता है।
  2. Public computer hardware और software में बिल्कुल personal computer जैसा होता है।
  3. Public computer बहुत सारे लोगों द्वारा इस्तेमाल किया जाता है इस वजह से इसे secure रखने की जरूरत होती है जिस वजह से इसमें user कोई software install या फिर इसकी settings change नहीं कर सकता।

(b) Personal computer

Personal computer वह computer होता है जिसे एक व्यक्ति इस्तेमाल करता है जो उसका मालिक (owner) भी हो सकता है और इसके hardware और software के maintenance की जिम्मेदारी (responsibility) उस user की होती है। यह size में ज्यादा बड़े और price में ज्यादा महंगे नहीं होते हैं जिसे एक individual खरीद सकता है।

Personal computer का user (owner) इसे किसी भी तरह से इस्तेमाल कर सकता है फिर वह कोई software को computer में से remove करना हो या नए software को install करना। इस computer में एक secondary storage होती है जिसकी storage capacity काफी ज्यादा होती है और इसमें user अपने files या documents को store कर सकता है।

इसके अलावा इसमें एक बहुत powerful processor और बड़ी memory होती है जिसके वजह से computer का performance काफी बढ़ जाता है और user को इसे इस्तेमाल करने में कोई दिक्कत नहीं होती।


Characteristics of personal computers / Personal computers की विशेषताएँ:

  1. Personal computer का एक ही user होता है जो इसका owner होता है।
  2. Personal computer में user को कोई limitation नहीं होती हैं, वह अपने हिसाब से computer के किसी भी hardware को या software को manage कर सकता है।
  3. Personal computer की पूरी जिम्मेदारी (responsibility) उसके मालिक (owner) की होती है जो इसे secure रखने के लिए अपने हिसाब से password लगा सकता है।
  4. Personal computer में बड़ी storage capacity होती है जिसमें user अपने सारे files या documents को रख सकता है।
  5. Personal computer किसी भी network से connect हो सकता है फिर चाहे वह public network ही क्यों ना हो।
  6. Personal computers size में छोटे और price में ज्यादा महंगे नहीं होते हैं जो एक व्यक्ति अपने जमा पूंजी (savings) से खरीद सकता है।

(c) Shared computer

Shared computer वह computer होता है जिसे बहुत सारे लोग अलग-अलग account से अलग-अलग समय पर access कर सकते हैं। इन users को username और password दिया जाता है जिसके द्वारा यह shared computer को access कर सकते हैं। यह public computer से थोड़ा अलग है।

Shared computer के अंदर रखे गए सारे files को कोई भी user नहीं देख सकता है। हर एक user के account में जितने files और जो settings set रहेंगे वह user सिर्फ उतना ही access कर सकता है।

Shared computer की जरूरत हमें तब पड़ती है जब एक अकेला computer बहुत लंबे चौड़े calculations को अकेले calculate करने में काफी वक्त लगाता है। यह वक्त बहुत ज्यादा हो सकता है इस वजह से एक से ज्यादा computers की जरूरत पड़ती है जहां पर shared computer काम आता है।

बहुत सारे research organizations जिन्हें बहुत ज्यादा computation power की जरूरत होती है उन्हें supercomputer का access नहीं मिलता है जिस वजह से वे shared computer का उपयोग करते हैं। Shared computer में हजारों computers आपस में network के जरिए connect रहते हैं जिनकी processing power supercomputer से भी अधिक हो जाती है।

Shared computer इस बात का उदाहरण है कि एक strong व्यक्ति जो किसी काम को करने में पूरी तरह से सक्षम है वहां ढेर सारे normal व्यक्तियों को इकट्ठा करके वह काम पूरा कराया जाए।


Characteristics of shared computers / Shared computers की विशेषताएँ:

  1. Shared computer public computer से अलग होता है। इसे users username और password से access करते हैं।
  2. Shared computer में एक से ज्यादा हजार computers भी एक साथ आपस में network के जरिए connect रह सकते हैं।
  3. Shared computer की processing power supercomputer के processing power से भी ज्यादा हो सकती है।
  4. Shared computer में रखा हर file सारे user access नहीं कर सकते हैं। उन्हें जितना access दिया जाता है वे सिर्फ उतना ही resource इस्तेमाल कर सकते हैं।

(d) Display computer

Display computers वह computer होते हैं जो किसी विशेष (particular) चीज को screen पर display कर रहे होते हैं फिर चाहे वह कोई slide show हो या फिर कोई image। Display computer हमें अक्सर किसी shop पर दिखाई देते हैं।

Display computer को जिस काम के लिए इस्तेमाल किया जाता है वह उस काम से बहुत बड़े काम को करने में सक्षम (capable) होते हैं। इन computers में WiFi होने की संभावना होती है जिस वजह से यह एक personal computer में मौजूद internet जितना सक्षम होते हैं।


Characteristics of display computers / Display computers की विशेषताएँ:

  1. Display computer सिर्फ selected material को display करता है।
  2. Display computer को उसके क्षमता के हिसाब से बहुत छोटे काम को पूरा करने के उपयोग में लिया जाता है।
  3. Display computer में WiFi की मौजूदगी हो सकती है जिस वजह से यह personal computer में मौजूद WiFi जितना काम करने में सक्षम होता है।

On the basis of generations of computer (कंप्यूटर की पीढ़ी के आधार पर)

(a) First generation computer

1940 से 1956 तक आने वाले computers first generation computers कहलाते थे। Detail में जानें

(b) Second generation computer

1956 से 1963 तक आने वाले computers second generation computers कहलाते थे। Detail में जानें

(c) Third generation computer

1963 से 1971 तक आने वाले computers third generation computers कहलाते थे। Detail में जानें

(d) Fourth generation computer

1972 से 2010 तक आने वाले computers fourth generation computers कहलाते थे। Detail में जानें

(e) Fifth generation computer

2010 से अभी तक आने वाले computers fifth generation computers कहलाते हैं। Detail में जानें


दोस्तों अगर आप यहां तक हमारा यह article पढ़ रहे हैं तो आपको आपका समय देने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद। हम उम्मीद करते हैं कि यह article पढ़ने के बाद आपको types of computer जिसे classification of computer भी कहते हैं पूरी तरह से समझ में आ गया होगा।

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